Yemen Crisis: ताइज प्रांत में Yemeni Armed Forces और Houthi विद्रोहियों के बीच भीषण झड़प, कई इलाके कब्जे में लिए गए

यमन में चल रहे संघर्ष के बीच 7 सितंबर 2026 को ताएज प्रांत में जबरदस्त सैन्य गतिविधियां देखने को मिलीं। यमन की सशस्त्र सेनाओं की विमानन इकाइयों ने माकबाना के हिम यार मोर्चे पर हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर जोरदार हमले किए। सरकारी बलों ने कई मोर्चों पर बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाए जिसके बाद कई इलाकों पर फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया गया और हूती लड़ाकों की घुसपैठ की कोशिशों को पूरी तरह से नाकाम कर दिया गया। इस दौरान सुरक्षा बलों ने अल-बरह मोर्चे पर तीन तरफ से हमला बोला और ताएज के पश्चिम में स्थित अल-कधा क्षेत्र में महत्वपूर्ण जमीन को अपने कब्जे में ले लिया।
हूती ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले
यमन सशस्त्र सेना मीडिया सेंटर से मिली जानकारी के मुताबिक सरकारी विमानों ने हूती विद्रोहियों के सैन्य उपकरणों, ठिकानों और उनके जमावड़े पर दर्जनों हवाई हमले किए। इन सुनियोजित हमलों में 20 से अधिक हूती लड़ाके मारे गए या फिर गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हिंसा के बढ़ने से आम नागरिकों की जिंदगी पर बहुत बुरा असर पड़ा है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समन्वय कार्यालय यानी OCHA की रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो दिनों के भीतर माकबाना और जबाल हबाशी जिलों के आसपास करीब 1,800 परिवार अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर हो गए हैं।
युद्धविराम टूटने के बाद सबसे बड़ी हिंसा
हिंसा की इस ताजा लहर में अब तक युद्ध लड़ने वाले लड़ाकों और आम नागरिकों को मिलाकर 300 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। पुराना युद्धविराम खत्म होने के बाद से यह सबसे खतरनाक और हिंसक झड़प मानी जा रही है। इस लगातार बढ़ते तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं क्योंकि इससे रणनीतिक रूप से बेहद अहम माने जाने वाले बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के चेयरमैन रशाद अल-अलीमी ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए देश भर में सरकार का पूरा नियंत्रण फिर से स्थापित करने के लिए सेना के मजबूत संकल्प को दोहराया है।