यमन में फिर भड़की हिंसा, सरकारी सेना और हूती विद्रोहियों के बीच हुई भारी झड़प में 140 से ज्यादा लोगों की मौत.

यमन की सशस्त्र सेना ने आधिकारिक तौर पर 6 सितंबर 2026 को देश के कई प्रांतों में हूती मिलिशिया ठिकानों के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियानों और हवाई हमलों की शुरुआत की घोषणा की है। इस कार्रवाई के दौरान सरकारी वायु सेना ने दक्षिणी होदेइदाह के अल-बरह और मारिब के पश्चिमी बाहरी इलाकों में हूती ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया। इसके अलावा अल-लबनात, अल-आलम और अल-जौफ प्रांत के केंद्र में भी उग्रवादियों के ठिकानों पर हमले किए गए, जिससे उन्हें भारी जनहानि और सैन्य उपकरणों का बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।
सैनिकों और विद्रोहियों के बीच भीषण संघर्ष
सप्ताहांत यानी 5 से 6 सितंबर 2026 के दौरान यह सैन्य अभियान और ज्यादा तेज हो गया, जिसमें अल-बरह मोर्चे पर कई दिशाओं से हमले किए गए। सरकारी बलों ने ताएज के पश्चिम में स्थित अल-कधा क्षेत्र में अपने पुराने ठिकानों को वापस अपने कब्जे में ले लिया और होदेइदाह के दक्षिण में नई रक्षात्मक लाइनों को मजबूत किया। इसके अलावा, सैनिकों ने ताएज के पश्चिम में अल-दबाब मोर्चे पर हूती विद्रोहियों की घुसपैठ की कोशिश को पूरी तरह नाकाम कर दिया, जिसमें 20 से ज्यादा हूती लड़ाके मारे गए।
सैन्य सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह से लेकर रविवार के बीच विभिन्न मोर्चों पर हुई झड़पों में कुल मौतों का आंकड़ा 140 को पार कर गया। वहीं, अन्य आंकड़ों से पता चलता है कि चार दिनों की अवधि में कुल 117 लोगों की जान गई, जिसमें 54 सरकारी सैनिक और 63 हूती लड़ाके शामिल थे।
अधिकारियों के बयान और क्षेत्रीय तनाव
यमन के सूचना मंत्रालय के सहायक अवर सचिव फयाद अल-नुमान ने बताया कि इन सभी सैन्य अभियानों का मुख्य उद्देश्य ताएज को अल-मोखा से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण रास्ते को पूरी तरह सुरक्षित करना है। वहीं, यमन की सशस्त्र सेना के प्रवक्ता मजीद अल-नुजैली ने पुष्टि की कि रक्षा मंत्रालय ने हूती विद्रोहियों की हरकतों का जवाब देने के लिए अपनी नई और आधुनिक सैन्य क्षमताओं को मैदान में उतार दिया है।
दूसरी तरफ, हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल यह्या सारेई ने दावा किया कि उनके लड़ाकों ने 6 सितंबर 2026 की सुबह ताएज प्रांत के मकबाना जिले के ऊपर सऊदी अरब से जुड़ा एक विंग लूनग II टोही ड्रोन मार गिराया है। हूती बलों ने ताएज शहर की तरफ तीन बैलिस्टिक मिसाइलें भी दागीं, जो मेडिकल कॉलेज, एक सोशल केयर बिल्डिंग और सेंट्रल जेल के पास आकर गिरीं।
प्रेसीडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के अध्यक्ष रशाद अल-अलिमी ने हूती नेतृत्व को उनके इन सैन्य फैसलों के गंभीर परिणाम भुगतने की कड़ी चेतावनी दी है। इस बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र ने प्रवक्ता स्टेफेन दुजारिक के जरिए ताएज, होदेइदाह, मारिब और अल-जौफ में फिर से भड़की हिंसा को लेकर गहरी चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र ने क्षेत्र में और अधिक अस्थिरता को रोकने के लिए तुरंत सैन्य कार्रवाई रोकने और बातचीत की मेज पर लौटने की अपील की है।