Yemen News: यमीनी सेना ने हूती ठिकानों पर बोला बड़ा हमला, ताइज़ और हुदैदाह में भीषण झड़प

यमन में चल रहे संघर्ष के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ यमीनी सशस्त्र बलों ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ एक बड़ा जवाबी सैन्य अभियान शुरू कर दिया है। 6 सितंबर 2026 को शुरू हुए इस ताजा काउंटरऑफ़ेंसिव के तहत देश के कई इलाकों में हूती ठिकानों को निशाना बनाया गया है जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और आम जनजीवन पर इसका गहरा असर देखने को मिल रहा है।
ताइज़ और हुदैदाह में सेना की बड़ी कार्रवाई
सरकारी सैन्य रिपोर्टों के अनुसार, यमीनी बलों ने अल-बरह, साकम और हुदैदाह अक्षों पर केंद्रित सैन्य हमले किए हैं। इस कार्रवाई के दौरान सरकारी सुरक्षा बलों ने हुदैदाह प्रांत के महत्वपूर्ण हAYS जिला पर पूरी तरह से नियंत्रण हासिल कर लिया है। इसके अलावा, ताइज़ और अल-जौफ क्षेत्रों में भी सेना ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। यह पूरी सैन्य कार्रवाई हूती विद्रोहियों की आक्रामकता के जवाब में की गई है, जिन्होंने 6 सितंबर को ताइज़ शहर पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं।
इससे पहले, 5 सितंबर को यमीनी सेना ने ताइज़ और अल-हुदैदाह में करीब 15 हवाई हमले किए थे। वहीं, नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेस ने हुदैदाह तट के पास हूती गुट की दो विस्फोटक भरी नावों को पूरी तरह तबाह कर दिया। यमन के सूचना मंत्रालय के सहायक अवर सचिव फैयाद अल-नुमान ने अल-जरही जिले में दर्जनों हूती मिलिशिया सदस्यों के पकड़े जाने की आधिकारिक पुष्टि की है।
विस्थापित हुए सैकड़ों परिवार और मानवीय संकट
यमन के राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष रशाद अल-अलिमी इस पूरी सैन्य स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने हूती गतिविधियों के कारण पैदा हुए मानवीय संकट को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है, जिससे सैकड़ों परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ताजा संघर्ष और हिंसा के बढ़ने की वजह से 3 सितंबर से लेकर अब तक लगभग 1,800 परिवार विस्थापित हो चुके हैं।
यह संघर्ष उस समय एक बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया जब एक सैन्य अधिकारी ने जानकारी दी कि 3 सितंबर के आसपास भड़की हिंसक झड़पों में 120 से अधिक लोग मारे गए। उस अवधि के दौरान, हूती लड़ाकों ने घनी आबादी वाले तटीय क्षेत्रों की तरफ 14 बैलिस्टिक मिसाइलें और कई प्रकार के ड्रोन दागे थे। यमन सरकार का यह साफ कहना है कि उनका यह सैन्य अभियान आम नागरिकों की सुरक्षा करने और हूती आक्रमण के खिलाफ क्षेत्रीय स्थिरता को बचाए रखने के लिए पूरी तरह से जरूरी है।