Yemen में भड़की हिंसा, Houthis के ठिकानों पर Armed Forces का बड़ा हमला, कई लोग हुए प्रभावित

यमन देश में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 26 अगस्त 2026 को यमन की воору (Armed Forces) ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि उन्होंने हूती मिलिशिया के ठिकानों और बैरकों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है। इस सैन्य कार्रवाई के दौरान देश भर में हिंसक घटनाएं और अधिक तेज हो गईं, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है। युद्ध के इस माहौल में आम लोगों का जीना मुश्किल हो गया है और वे लगातार पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं।
रियाद में हुई उच्च स्तरीय बैठक और सख्त फैसले
इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच, 26 अगस्त 2026 को सऊदी अरब की राजधानी रियाद में यमनी प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में हूती नेतृत्व के खिलाफ कड़े निवारक उपाय करने का औपचारिक निर्णय लिया गया। काउंसिल ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर हूती विद्रोहियों की तरफ से आगे भी ऐसी हरकतें जारी रहीं, तो उन्हें इसकी बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। इसके साथ ही सरकार ने यमन के पूरे भूभाग पर दोबारा अपनी प्रशासनिक और राजकीय सत्ता स्थापित करने के अपने संकल्प को एक बार फिर दोहराया।
आम नागरिकों पर टूटा कहर और मानवीय संकट
इस आपसी संघर्ष में सबसे ज्यादा नुकसान आम बेकसूर नागरिकों को उठाना पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों में हूती हमलों की वजह से रिहायशी इलाकों में कुल 63 नागरिक हताहत हुए हैं। मारिब शहर में इस हिंसा के कारण 2 लोगों की मौत हो गई और 19 लोग घायल हो गए। इसके अलावा मोखा और ताएज इलाकों में 7 लोगों की जान चली गई और 35 लोग बुरी तरह घायल हो गए। हिंसा और गोलाबारी से बचने के लिए लोग अपना घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भाग रहे हैं।
घरों से बेघर हुए सैकड़ों परिवार
युद्ध और हमलों के डर से बड़े पैमाने पर लोगों का विस्थापन जारी है। पिछले एक हफ्ते के भीतर ताएज, होदेइदाह और मारिब जिलों से कुल 218 परिवार यानी लगभग 1,308 लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। खासतौर पर Hays जिले के उत्तरी हिस्से और उसके आसपास के इलाकों से 104 परिवार पलायन कर चुके हैं। ये बेघर लोग अपनी जान बचाने के लिए दुर्गम पहाड़ी इलाकों में शरण लेने को मजबूर हैं, जहां बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है।
कई मोर्चों पर जारी है भीषण जंग
देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय मुकाबला और सैन्य झड़पें लगातार बढ़ रही हैं। 25 अगस्त 2026 को ताएज मिलिट्री एक्सिस से मिली जानकारी के मुताबिक, ताएज शहर के उत्तरी और पूर्वी मोर्चों पर हुई भारी मुठभेड़ में हूती गुट के 23 लड़ाके मारे गए या गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलावा अल-धाले और पश्चिमी तट के इलाकों में भी भीषण झड़पों का सिलसिला रुका नहीं है, जिसमें ताएज के उत्तर में स्थित कलाबाह सेक्टर में मुख्य रूप से टकराव की खबरें सामने आई हैं।
संचार सेवाओं पर असर और सुरक्षा उपाय
सऊदी अरब से यमन की तरफ आ रही सैन्य और रसद सहायता के काफिलों पर हुए हमलों के बाद सुरक्षा के मद्देनजर कड़े कदम उठाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी प्रशासन ने अल-अब्र, अल-वादेआ, सेयून और मारिब के कुछ हिस्सों में एहतियातन संचार सेवाओं को पूरी तरह से बंद कर दिया है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना या गुप्त सूचना के आदान-प्रदान को रोका जा सके।