यमन की चेतावनी, सऊदी अरब के हमलों का दिया जाएगा करारा जवाब, बढ़ रहा है संघर्ष.

यमन की ओर से एक बड़ा बयान सामने आया है जिसमें कहा गया है कि सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन के हमलों का कड़ा जवाब दिया जाएगा। 7 सितंबर 2026 को यमन के सैन्य प्रवक्ता याह्या अल-सारेई ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यमन पर हो रहे हमलों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि गठबंधन देश लगातार हवाई हमले और जासूसी उड़ानें बढ़ा रहा है जिससे हालात सुधरने के बजाय और ज्यादा बिगड़ते जा रहे हैं।
अल-जौफ की जेल पर हुआ था हमला
प्रवक्ता ने खास तौर पर अल-जौफ गवर्नरैट की एक जेल पर हुए सऊदी हमले का जिक्र किया। इस हमले में एक बच्चे समेत कुल सात लोगों की मौत हो गई थी जबकि मलबे के नीचे दर्जनों लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई थी। हिंसा का यह दौर केवल एक जगह तक सीमित नहीं रहा बल्कि कई मोर्चों पर संघर्ष में तेजी देखी गई। हूती बलों ने दावा किया कि उन्होंने अल-जौफ प्रांत के ऊपर एक सऊदी CH-4 टोही ड्रोन को मार गिराया। पिछले चौबीस घंटों के भीतर इस तरह के चार विमानों को नष्ट करने की बात सामने आई है।
मिसाइल हमलों से दहले कई इलाके
हूती समर्थक मीडिया घरानों जैसे सबा समाचार एजेंसी और अल-मसीरा टीवी ने ताइज़, मारिब, अल-बायदा और अल-जौफ प्रांतों में क्रूज मिसाइल और हवाई हमलों की जानकारी दी। यमन की सैन्य मीडिया ने सऊदी सीमा के पास अल-वादीआ सैन्य शिविर के पास सैन्य सामान ले जाने वाले ट्रकों पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमले का वीडियो भी जारी किया। दूसरी तरफ, यमन की सरकारी सेना ने भी अल-बायदा प्रांत में हूती ठिकानों पर 13 हवाई हमले करने का दावा किया।
बाबाल-मंदाब जलडमरूमध्य के पास भारी संघर्ष
सऊदी तेल निर्यात के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माने जाने वाले बाबाल-मंदाब जलडमरूमध्य के पास भीषण जमीनी लड़ाई शुरू हो गई है। इस खूनी संघर्ष में 300 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है और सैकड़ों परिवार अपना घर छोड़कर जाने को मजबूर हो गए हैं। साल 2022 में हुआ संघर्ष विराम इस साल जुलाई में सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले के बाद टूट गया था जिसके बाद से हिंसा में लगातार इजाफा हुआ है। यमन के विदेश मंत्रालय ने पहले ही इस हमले का बदला लेने की बात कही थी।
सामरिक नाकेबंदी और भविष्य के हालात
मौजूदा हालात को देखते हुए हूती लड़ाके सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नौवहन प्रतिबंध जैसी अपनी 'नाकेबंदी के बदले नाकेबंदी' नीति पर सख्ती से अमल कर रहे हैं। सऊदी सरकार के पूर्व सलाहकार नवाफ ओबैद ने दोनों देशों के बीच सीधे तौर पर जमीनी संघर्ष होने की संभावना जताई है। सऊदी अधिकारियों के मन में इस बात का डर लगातार बढ़ रहा है कि कहीं यमन की सेना उनके इलाके में घुसपैठ न कर दे जिससे आने वाले दिनों में तनाव और अधिक खतरनाक रूप ले सकता है।