यमन सेना ने 24 घंटे में हूती विद्रोहियों पर किए 1292 हमले और 430 से ज्यादा लड़ाकों को ढेर किया
यमन सेना ने 'डॉन ऑफ यमन' अभियान के तहत हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर बड़े हमले किए, जिसमें 430 से ज्यादा लड़ाके मारे गए।

यमन: यमन की सशस्त्र सेना ने पिछले 24 घंटों के भीतर हूती मिलिशिया के ठिकानों पर 1,292 लक्षित हमले किए हैं। सेना के आधिकारिक प्रवक्ता स्टाफ कर्नल माजिद अब्दुल्ला अल-नुज़ैली ने बताया कि इन सैन्य कार्रवाइयों में 430 से अधिक हूती लड़ाके मारे गए हैं।
इस हमले के दौरान 100 से ज्यादा सैन्य वाहनों, बख्तरबंद यूनिटों और अन्य सैन्य उपकरणों को नष्ट या क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। यह पूरी कार्रवाई प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल द्वारा अधिकृत 'डॉन ऑफ यमन' अभियान का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य सना सहित अन्य क्षेत्रों को वापस पाना है।
सेना ने हूतियों के मजबूत ठिकानों, रक्षा किलेबंदी, खाइयों और उनकी सप्लाई लाइनों को निशाना बनाया। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने भी इन हमलों की पुष्टि की है और बताया कि ये कार्रवाइयां वैध सैन्य उद्देश्यों पर केंद्रित थीं।
सेना ने यह भी जानकारी दी कि कई हूती फील्ड कमांडरों को हिरासत में लिया गया है, जिन्हें अब सैन्य और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत रखा गया है। अलग-अलग मोर्चों पर भी भारी सैन्य गतिविधि देखी गई है।
मारिब प्रांत में सरकारी बलों ने पूर्वी मोर्चे पर बढ़त बनाते हुए रणनीतिक स्थानों और ऊंचाइयों पर कब्जा कर लिया है। वहीं ताइज़ क्षेत्र के अल-शकाब मोर्चे पर सेना ने हूतियों के एक बड़े हमले को नाकाम किया, जो करीब आठ घंटे तक चला। इस मुठभेड़ में कम से कम 16 हूती लड़ाके मारे गए।
इसके अलावा सरकारी बलों ने अल-अकरुध सेक्टर में एक ड्रोन-कंट्रोल टीम को पकड़ लिया है। सैन्य इंजीनियरिंग यूनिट अब recaptured इलाकों से बारूदी सुरंगों और विस्फोटक उपकरणों को हटाने का काम कर रही हैं ताकि सप्लाई रूट सुरक्षित किए जा सकें।
यमन सशस्त्र बलों ने हूतियों के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें नागरिकों से अपील की गई है कि वे मिलिशिया द्वारा अपने बच्चों की भर्ती को रोकें।