Yemen Conflict: अल-जोफ और अल-बाइदा में यमनी सेना की बड़ी कार्रवाई, हूती लड़ाकों से हथियार डालने को कहा.

यमन में चल रहे संघर्ष के बीच 7 सितंबर 2026 को देश के अल-जोफ और अल-बाइदा मोर्चों पर बड़ी सैन्य प्रगति देखने को मिली। सशस्त्र बलों ने राज्य की संस्थाओं को बहाल करने और हूती विद्रोहियों के कब्जे को खत्म करने के अपने अभियानों को तेज कर दिया है। इस बीच सैन्य अधिकारियों ने बताया कि उनके जवानों ने इलाकों में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है और लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
सैन्य अधिकारियों के बयान और मुख्य गतिविधियां
यमीनी सैन्य प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नाजिली ने मीडिया को जानकारी दी कि सशस्त्र बल अल-जोफ और अल-बाइदा मोर्चों पर लगातार जीत हासिल कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि सेना ने यतमा क्षेत्र में रॉकेट लॉन्चर तैनात कर दिए हैं जिससे सैन्य इकाइयों और उनके साथ जुड़े आदिवासी लड़ाकों की सुरक्षित एंट्री सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा सरकारी फोर्स ने अल-जोफ में हूती नियंत्रण वाले अल-लाबनात मिलिट्री बेस की तरफ नया हमला शुरू किया है। सरकारी पक्ष के मीडिया अधिकारी मंसूर अल-जायलायी ने पुष्टि की कि सरकारी बलों ने अल-जोफ के अपर अल-लाबनात और लोअर अल-लाबनात इलाकों को सुरक्षित कर लिया है।
अल-बाइदा में घेराबंदी और हवाई हमले
अल-बाइदा प्रांत में सैन्य बल अब धी नैम इलाके के बाहरी हिस्सों तक पहुंच चुके हैं और वहां प्रवेश करने के लिए अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं। इन ऑपरेशनों के दौरान यमनी बलों ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि आगे बढ़ने वाले रास्तों पर मौजूद हूती लड़ाके केवल अपने हल्के हथियार लेकर वहां से हट जाएं ताकि उनकी जान बचाई जा सके। दूसरी तरफ यमनी सरकारी बलों के विमानों ने केंद्रीय अल-बाइदा प्रांत में हूती ठिकानों पर 13 हवाई हमले किए। वहीं दूसरी ओर यमीनी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारे ने दावा किया कि उन्होंने अल-बाइदा और अल-जोफ के ख्वाब वा अशाफ जिले में सऊदी अरब के कई ड्रोन गिराए हैं।
हूती गुट के दावे और भारी नुकसान
इस बीच यमन के हूती गुट ने सऊदी अरब पर गंभीर आरोप लगाए। हूती-संबद्ध अल-मसीरा चैनल के एक सैन्य सूत्र ने बताया कि सऊदी सेना ने अल-जोफ अल-बाइदा मारिब ताइज़ और अल-हुदैदाह प्रांतों में फिर से हवाई और क्रूज मिसाइल हमले शुरू कर दिए हैं। हालिया झड़पों में दोनों पक्षों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। अल-जोफ प्रांत में दर्जनों हूती लड़ाकों ने अपने हथियारों के साथ सरकारी बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। ताइज़ और होदेइदाह में चार दिनों तक चली भयंकर लड़ाई में दोनों पक्षों के कम से कम 117 लड़ाके मारे गए। इसके अलावा ताइज़ के पश्चिम में हूती reinforcements ले जा रहे 21 से ज्यादा सैन्य वाहनों को निशाना बनाया गया जिससे उन्हें युद्ध के मैदान तक पहुंचने से रोक दिया गया। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन के अनुसार 23 से 29 अगस्त के बीच देश भर में 274 परिवार विस्थापित हुए जिनमें से अधिकांश विस्थापन ताइज़ क्षेत्र में हुए।