Yemen Crisis: मारीब प्रांत में यमनी बलों के बड़े एयरस्ट्राइक, सीजफायर टूटने के बाद हालात हुए बेकाबू।

Praggya Singh sabal7 September 20262 min read22 viewsYemen
Yemen Crisis: मारीब प्रांत में यमनी बलों के बड़े एयरस्ट्राइक, सीजफायर टूटने के बाद हालात हुए बेकाबू।

यमन देश में संघर्ष लगातार गंभीर रूप से बढ़ता जा रहा है, और आम नागरिकों की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। 7 सितंबर 2026 को यमनी सरकार के लड़ाकू विमानों ने मारीब प्रांत के दक्षिणी मोर्चे पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए। इन सैन्य कार्रवाइयों का मुख्य उद्देश्य हौथी विद्रोहियों के कब्ज़े वाले ठिकानों को निशाना बनाना था। देश में साल 2022 में हुए संघर्षविराम समझौते के जुलाई में टूटने के बाद से यह सबसे घातक संघर्ष के रूप में सामने आया है, जिससे पूरे क्षेत्र में भारी तनाव का माहौल बन गया है।

सैन्य कार्रवाई और दोनों पक्षों के दावे

यमीनी सशस्त्र बलों के मीडिया सेंटर ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि सरकारी सैनिकों ने इस क्षेत्र में हौथी मोर्चों के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान और एयरस्ट्राइक चलाए। वहीं दूसरी ओर, हौथी-संबद्ध मीडिया और सबा समाचार एजेंसी ने आरोप लगाया कि सऊदी गठबंधन ने अल-बेदा, जौफ, ताइज और मारीब जैसे विभिन्न प्रांतों पर क्रूज मिसाइलों और अतिरिक्त हवाई हमलों से हमला किया। हौथी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याहिया सरे ने दावा किया कि उनके लड़ाकों ने पिछले 24 घंटों में तीन सऊदी टोही ड्रोन मार गिराए हैं, जिसमें एक जौफ में और दूसरा बेदा में गिराया गया, हालांकि इन दावों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।

संयुक्त राष्ट्र और विशेषज्ञों की चिंता

संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हैंस ग्रुंडबर्ग ने बिगड़ती हुई स्थिति पर अपनी अत्यधिक चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि इस भारी लड़ाई के कारण अब तक 300 से अधिक लड़ाके और कई आम नागरिक हताहत हो चुके हैं। ग्रुंडबर्ग ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे तुरंत सैन्य गतिविधियों को रोकें और संयम बरतें ताकि देश को एक बार फिर से पूर्ण युद्ध की स्थिति में जाने से बचाया जा सके। इस बीच, हौथी अधिकारी हिजाम अल-असद ने 5 सितंबर को बयान दिया था कि सना में बैठे अधिकारी रियाद और उसके गठबंधन सहयोगियों की किसी भी कार्रवाई का जवाब देने के लिए नई सैन्य रणनीतियों पर काम कर रहे हैं। मिडिल ईस्ट मामलों के जानकार फारेआ अल-मुस्लिमी ने चेतावनी दी है कि इस चल रहे आक्रामक अभियान ने यमन के बचे-कुचे नाजुक संघर्षविराम के ढांचे को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया है।

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