Yemen War: यमनी फौजों ने मारिब फ्रंट पर हूती ठिकानों पर की जबरदस्त गोलाबारी, कई ठिकाने तबाह.

यमन की सरकार समर्थित फौजों ने 2 सितंबर 2026 को देश के मारिब गवर्नरट में हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान चलाया। सरकारी बलों ने कई मोर्चों पर हूती सैन्य काफिलों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाकर भीषण तोपखाने से हमले किए। सऊदी न्यूज एजेंसी की आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक इन सैन्य कार्रवाइयों का मुख्य उद्देश्य इस क्षेत्र में हूती प्रभाव को पूरी तरह से कमजोर करना और उनके बढ़ते कदमों रोकना है।
मारिब में चल रही इन सैन्य गतिविधियों से ठीक पहले अगस्त 2026 के आखिरी दिनों में हिंसा में काफी तेजी देखी गई थी। सैन्य झड़पें 31 अगस्त 2026 को उस समय और अधिक उग्र हो गईं जब मारिब, हज्जा, सादा और अल-बायदा गवर्नरट में समन्वित हवाई हमले, ड्रोन स्ट्राइक और भारी गोलाबारी की गई। इन ऑपरेशनों के दौरान विशेष रूप से मारिब के उत्तर-पश्चिम में स्थित अल-कसारा फ्रंट को निशाना बनाया गया, जहां फौजों ने एक हूती कमांड और कंट्रोल सेंटर के साथ-साथ एक बड़े फील्ड कमांडर को भी मार गिराया।
ड्रोन हमलों से हूती रसद डिपो और वाहनों को पहुंचाया गया भारी नुकसान
इससे पहले 29 और 30 अगस्त 2026 को मिले सैन्य आंकड़ों से यह बात सामने आई थी कि यमनी सेना की यूनिटों ने धले और होदेइदाह क्षेत्रों में हूती सैन्य वाहनों, छिपने के ठिकानों और लॉजिस्टिक्स डिपो को तबाह करने के लिए ड्रोन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया। यमनी सशस्त्र बलों के मीडिया सेंटर की ओर से जारी किए गए वीडियो फुटेज में इन सभी ऑपरेशनों को साफ तौर पर देखा जा सकता है। यह कार्रवाई इस बात की गवाही देती है कि यमनी सरकार सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ मिलकर हूती बुनियादी ढांचे को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए एक सोची-समझी रणनीति के तहत आगे बढ़ रही है।
मौजूदा समय में यमन का यह संघर्ष मुख्य रूप से चुनिंदा युद्धक्षेत्रों तक ही सीमित है, जहां दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे पर तोपखाने से हमले कर रहे हैं और ड्रोन के जरिए आक्रामक सैन्य चालें चल रहे हैं। यमनी फौजों की इस ताजा कार्रवाई से हूतियों की ताकत को बड़ा झटका लगा है और सरकार देश के बाकी हिस्सों पर फिर से नियंत्रण पाने के लिए लगातार अपनी सैन्य ताकत मजबूत कर रही है।