यमन में बड़ा मुकाबला, सरकारी सेना ने ताइज में छीनी सैन्य चौकियां, हूती हमलों का दिया करारा जवाब।

यमन में चल रहे संघर्ष के बीच सरकारी सेना ने एक बार फिर से बड़ी कामयाबी हासिल की है। 3 सितंबर 2026 को यमन की सरकारी सेना ने ताइज गवर्नरट के मकबानह जिले में स्थित अल-तुवैर फ्रंट पर अपने सैन्य ठिकानों को सफलतापूर्वक वापस अपने कब्जे में ले लिया। यह सैन्य कार्रवाई क्षेत्र में अचानक बढ़े तनाव और हमलों के बाद की गई है, जिसकी जानकारी प्रमुख समाचार माध्यम अखबार अल-सौदिया (@SaudiNews50) द्वारा भी साझा की गई थी। इस नए घटनाक्रम से यमन के इस इलाके में सुरक्षा के हालात पर खासा असर पड़ा है और दोनों तरफ से गतिविधियां तेज हो गई हैं।
हूती militia के हमले और यमन की जवाबी कार्रवाई
यमन के सशस्त्र बलों के मीडिया सेंटर से मिली जानकारी के अनुसार, हूती मिलिशिया ने पश्चिमी तट के पास बसे रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर एक बड़ा हमला किया था। इस हमले के दौरान ताइज और होदेइदाह प्रांतों में 14 बैलिस्टिक मिसाइलें और कई ड्रोन दागे गए। हालांकि, यमन की एयर डिफेंस यूनिट ने मुस्तैदी दिखाते हुए ताइज फ्रंट और पश्चिमी तट के ऊपर हवा में ही कई ड्रोनों को सफलतापूक मार गिराया। सैन्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन खतरनाक मिसाइलों में से एक भी मिसाइल सरकार के कब्जे वाले ठिकानों तक नहीं पहुंच पाई और समय रहते बड़ा नुकसान टल गया।
लाल सागर के मोर्चे पर भी नाकाम हुआ हमला
इसी समय के दौरान, यमन के नेशनल रेजिस्टेंस ने लाल सागर पर स्थित महत्वपूर्ण मोखा बंदरगाह को निशाना बनाने की कोशिश कर रही एक विस्फोटक से भरी नाव को पूरी तरह से तबाह कर दिया। पश्चिमी ताइज के अल-बरह फ्रंट के अल-कदाहा सेक्टर के साथ-साथ जबल हबाशी, अल-सलू, अल-अनीन, कलबाह और करीफात जैसे कई अन्य मोर्चों पर भी दोनों पक्षों के बीच भयंकर जमीनी झड़पें देखने को मिली हैं। ताइज सैन्य मोर्चे के एक जिम्मेदार सैन्य सूत्र ने पुष्टि की है कि हूती गुटों के लाख प्रयासों के बावजूद सरकार के नियंत्रण वाला एक भी ठिकाना उनके हाथ नहीं लगा है।
आम नागरिकों की मुश्किलें और बढ़ती सैन्य तैयारियां
इस लगातार जारी गोलीबारी और गोलाबारी के कारण मकबानह क्षेत्र के आम नागरिकों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। स्थानीय लोगों को इस भारी संघर्ष की वजह से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान स्थिति यह है कि संघर्ष के और अधिक तेज होने की आशंका के बीच दोनों ही पक्ष अपने-अपने मोर्चों पर भारी मात्रा में सैन्य हथियारों और जवानों की नई खेप मंगवाने में जुटे हुए हैं। यमन के इन इलाकों में बिगड़ते हालातों पर स्थानीय प्रशासन और सैन्य अधिकारी लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।