यमन की सरकारी सेना ने ताइज़ के पास हूती ठिकानों पर किए हमले और शबवा में विद्रोहियों के हमले में 53 मरे
यमन की सरकारी सेना ने ताइज़ के पास हूती ठिकानों पर हमले किए हैं, जबकि शबवा में हूती हमले में 53 लोगों की मौत हुई है।

ताइज़ (यमन): यमन की सरकारी सेना और पॉपुलर रेजिस्टेंस ने ताइज़ के पश्चिम में अल-धबाब इलाके में हूती विद्रोहियों के ठिकानों और हथियारों के भंडारों को निशाना बनाकर हमले किए हैं। यह कार्रवाई उस समय हुई है जब सरकारी सैनिक ताइज़ को लाहिज और अदन से जोड़ने वाले जरूरी सप्लाई रास्तों को सुरक्षित करने की कोशिश कर रहे हैं।
धुबाब और बाब अल-मंदाब एक्सिस पर जाइंट्स ब्रिगेड्स और होमलैंड शील्ड फोर्सेज ने आगे बढ़ते हुए अल-अर्धी हिल पर कब्जा कर लिया है। यह पूरी सैन्य गतिविधि 'डॉन ऑफ यमन' ऑपरेशन का हिस्सा है, जिसे राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष रशाद अल-अलीमी के निर्देश पर 5 अक्टूबर 2026 को शुरू किया गया था।
आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, 18 अक्टूबर को यमनी सेना ने कुल 1,326 हमले किए। अधिकारियों का दावा है कि इन हमलों में लगभग 370 हूती मिलिशिया सदस्य मारे गए और दर्जनों सैन्य वाहन तबाह हो गए। यमनी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता कर्नल माजेद अब्दुल्ला अल-नुज़ैली ने बताया कि सरकारी इकाइयों ने ताइज़ पर हुए विद्रोही हमलों को नाकाम कर दिया है और भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं।
वहीं दूसरी तरफ, 19 अक्टूबर 2026 को हूती विद्रोहियों ने शबवा प्रांत में सरकारी सुरक्षा बलों के एक ट्रेनिंग कैंप पर हमला बोला। इस हमले में 53 लोगों की मौत हो गई और 200 अन्य घायल हुए हैं। हूती विद्रोही अक्टूबर की शुरुआत से ही ताइज़ शहर की घेराबंदी करने की कोशिशों में जुटे हैं।
इस घेराबंदी की वजह से आम लोगों के लिए भोजन, पानी और दवाओं की किल्लत हो गई है। ताइज़ के अस्पतालों में ऑक्सीजन और सर्जरी के लिए जरूरी सामान की भारी कमी बताई जा रही है।
मानवीय स्थिति काफी खराब है और जून 2026 से अब तक यमन भर में 2.33 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं, जिनमें से आधे से ज्यादा ताइज़ में हैं। ब्रिगेडियर जनरल अब्दुलइला खादर ने कहा कि सऊदी नेतृत्व वाले हवाई और लॉजिस्टिक समर्थन के बावजूद हूती विद्रोही शहर पर कब्जा करने के लिए बड़ी तैनाती कर रहे हैं, हालांकि हवाई हमलों में उन्हें भारी नुकसान हुआ है।