यमन के रक्षा मंत्रालय का बड़ा एक्शन, अल-जौफ में हौथी कैंप पर किया जबरदस्त हमला, कई हथियार तबाह.

यमन की राजधानी और आसपास के इलाकों में एक बार फिर से तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। रविवार, 6 सितंबर 2026 को यमन के रक्षा मंत्रालय ने एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया है। इस मिलिट्री ऑपरेशन में उत्तरी यमन के अल-जौफ प्रांत में स्थित हौथी के कब्जे वाले अल-लबानत कैंप को निशाना बनाया गया है। इस एयरस्ट्राइक की आधिकारिक पुष्टि सेना के प्रवक्ता माजिद अल-नुजैली ने सरकारी टेलीविजन के माध्यम से की है। इस हमले के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
हौथी मिलिशिया की हरकतों का कड़ा जवाब
यमन मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा कि यह सैन्य कार्रवाई हौथी मिलिशिया की तरफ से लगातार किए जा रहे उल्लंघन और तनाव बढ़ाने वाली गतिविधियों का सीधा जवाब थी। आधिकारिक बयान के अनुसार, यमन की सेना ने इस ऑपरेशन के दौरान हौथी के कई लड़ाकों को ढेर कर दिया है और अल-लबानत साइट पर रखे गए सैन्य उपकरणों और हथियारों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। सरकार का यह कदम देश में शांति स्थापित करने और विद्रोहियों की ताकत को कमजोर करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
आधुनिक हथियारों का हुआ इस्तेमाल
अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस ऑपरेशन में हाल ही में सेना में शामिल की गई "क्वालिटी कैपिसिटी" यानी आधुनिक और उन्नत क्षमताओं का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि सेना के प्रवक्ता ने हथियारों के नष्ट होने और लड़ाकों के मारे जाने की बात तो पक्की तौर पर कही, लेकिन उन्होंने हताहतों की संख्या यानी कितने लोग मारे गए या घायल हुए, इसके बारे में कोई भी खास आंकड़ा नहीं दिया। इसके अलावा इस्तेमाल किए गए खतरनाक हथियारों की तकनीकी जानकारी भी गुप्त रखी गई है ताकि गोपनीयता बनी रहे।
बढ़ता क्षेत्रीय तनाव और हालात
यह पूरी सैन्य कार्रवाई ऐसे समय पर सामने आई है जब यमन में हालात एक बार फिर से बेहद खराब हो रहे हैं। अप्रैल 2022 से यहां एक शांति का दौर शुरू हुआ था जो कुछ समय तक ठीक रहा, लेकिन साल 2023 के आखिर से एक बार फिर से पूर्ण पैमाने पर संघर्ष छिड़ने का खतरा मंडराने लगा है। गाजा पट्टी में हुए युद्ध के बाद से हौथी गुट जिस तरह से क्षेत्रीय लड़ाइयों में शामिल हुआ है, उससे स्थिति और ज्यादा उलझ गई है। यमन की सरकार को सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन का पूरा समर्थन मिल रहा है और वे लगातार हौथी मिलिशिया की हरकतों का डटकर मुकाबला कर रहे हैं। इस ताजा हमले से यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में यमन की स्थिति और भी ज्यादा संवेदनशील हो सकती है, जिस पर हर किसी की नजर बनी हुई है।