यमन ने लाल सागर में पकड़ी ईरान से आ रही ड्रोन सामग्री, हूती मिलिशिया के मंसूबों पर फिरा पानी.

Nura Basta30 August 20262 min read17 viewsYemen
यमन ने लाल सागर में पकड़ी ईरान से आ रही ड्रोन सामग्री, हूती मिलिशिया के मंसूबों पर फिरा पानी.

लाल सागर में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए हथियारों से भरे एक जहाज को पकड़ा है। यमन नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेस की मिलिट्री मीडिया ने आधिकारिक तौर पर यह जानकारी दी है कि यह जहाज ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के लिए ड्रोन बनाने के सामान लेकर जा रहा था। इस पूरी कार्रवाई को 24 अगस्त 2026 को अंजाम दिया गया था, जबकि इसकी आधिकारिक घोषणा 30 अगस्त 2026 को की गई। सुरक्षा एजेंसियों को इस तस्करी के बारे में सटीक खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके बाद इस पुख्ता अभियान को चलाया गया।

कब्जे में लिए गए खतरनाक उपकरण

जब सुरक्षा बलों ने जहाज को रोका और शुरुआती जांच तथा पकड़े गए नाविकों से पूछताछ शुरू की, तो कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए। पकड़े गए सामान में सुसाइड ड्रोन बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले बेहद आधुनिक और घातक पार्ट्स शामिल थे। इन उपकरणों में मुख्य रूप से कंट्रोल सिस्टम, नेविगेशन और गाइडेंस डिवाइस, लाइव वीडियो ट्रांसमिशन के उपकरण, फ्यूल इंजेक्शन इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक कम्युनिकेशन हार्डवेयर बरामद किए गए हैं। सैन्य अधिकारियों ने मीडिया के सामने इन सभी जब्त किए गए सामानों का वीडियो फुटेज भी जारी किया है, ताकि इस बात की पूरी पुष्टि हो सके कि यह सामग्री किस काम के लिए लाई जा रही थी।

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हूती विद्रोहियों के हमले और नौसेना की जवाबी कार्रवाई

अधिकारियों ने बताया कि जिस समय यह जहाज पकड़ा गया, ठीक उसी दौरान हूती मिलिशिया ने पश्चिमी तट पर भारी हमले शुरू कर दिए थे। उनका यह हमला असल में इस शिपमेंट को सुरक्षित निकालने के लिए एक छलावा या भटकाने की कोशिश थी ताकि सुरक्षा बलों का ध्यान भटकाया जा सके। इसके अलावा, 27 अगस्त 2026 को यमन की नौसेना गश्ती दलों ने लाल सागर में सामरिक द्वीपों के पास हूती विद्रोहियों की पांच नौकाओं के एक और बड़े हमले को पूरी तरह नाकाम कर दिया। इस दौरान नौसेना ने हूती मिलिशिया का एक टोही ड्रोन भी हवा में ही मार गिराया।

ईरानी कनेक्शन और आगे की कानूनी कार्रवाई

प्रारंभिक पूछताछ के दौरान पकड़े गए नाविकों ने यह कबूल किया कि इस पूरी तस्करी के पीछे ईरानियन रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्स यानी IRGC का हाथ है। उन्होंने तस्करी के रास्तों और आपसी तालमेल के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले से जुड़े सभी और पुख्ता खुलासे 31 अगस्त 2026 को सार्वजनिक किए जाएंगे। यह पूरी गतिविधि सीधे तौर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा फरवरी 2022 में हूती विद्रोहियों पर लगाए गए सख्त हथियारों के प्रतिबंध का साफ उल्लंघन है। इस घटना से लाल सागर क्षेत्र की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

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